नमस्ते मेरे प्यारे दोस्तों! क्या आपका कंप्यूटर भी आजकल थोड़ा सुस्त पड़ गया है? या फिर कभी-कभी ऐसा लगता है कि यह आपकी सोच से भी धीमी गति से काम कर रहा है?
मुझे पता है, यह कितनी निराशाजनक बात है! मैंने खुद ऐसे कई पल जिए हैं जहाँ एक छोटा सा काम भी घंटों का लगने लगता था. आजकल जब हर कोई ऑनलाइन गेमिंग, वीडियो एडिटिंग या फिर ढेर सारे टैब्स खोलकर काम कर रहा है, तब एक तेज़ तर्रार कंप्यूटर की ज़रूरत पहले से कहीं ज़्यादा बढ़ गई है.
हम सब जानते हैं कि एक धीमा कंप्यूटर कैसे हमारे काम को रोक देता है और हमारा मूड खराब कर देता है. लेकिन परेशान होने की कोई ज़रूरत नहीं! आज मैं आपके लिए कुछ ऐसे कमाल के कंप्यूटर स्पीड टेस्ट प्रोग्राम्स लेकर आई हूँ, जो न सिर्फ़ आपके सिस्टम की असल परफॉरमेंस बताएंगे, बल्कि आपको यह भी समझने में मदद करेंगे कि उसे बेहतर कैसे किया जाए.
मैंने इन प्रोग्राम्स को खुद इस्तेमाल किया है और इनसे मिले नतीजों ने मुझे अपने कंप्यूटर को बेहतर बनाने में बहुत मदद की है. तो तैयार हो जाइए अपने कंप्यूटर को रॉकेट बनाने के लिए!
तो चलिए, नीचे दिए गए लेख में इन बेहतरीन प्रोग्राम्स के बारे में विस्तार से जानते हैं।
आपका कंप्यूटर धीमा क्यों पड़ जाता है, और यह टेस्ट क्यों ज़रूरी है?

धीमेपन के पीछे की कहानियाँ: मैंने क्या देखा है?
मेरे प्यारे दोस्तों, क्या आपने कभी सोचा है कि आपका भरोसेमंद कंप्यूटर आख़िर क्यों धीरे-धीरे कछुए की चाल चलने लगता है? मैंने अपने अनुभव से यह महसूस किया है कि अक्सर हम अपने कंप्यूटर को तब तक चलाते रहते हैं, जब तक वह पूरी तरह से हाँफने न लगे.
मुझे याद है, एक बार मेरा लैपटॉप इतना धीमा हो गया था कि एक फ़ोटोशॉप फ़ाइल खोलने में ही 5 मिनट लग जाते थे! मुझे लगा कि अब इसका अंत आ गया है, शायद नया लैपटॉप लेने का वक़्त आ गया है.
लेकिन असल में, कई बार धीमेपन के पीछे छोटे-छोटे कारण होते हैं जिन्हें हम नज़रअंदाज़ कर देते हैं. जैसे बहुत सारे बैकग्राउंड ऐप्स का चलना, ड्राइव का भर जाना, पुराने ड्राइवर या फिर कोई वायरस.
कभी-कभी तो बस एक सॉफ़्टवेयर अपडेट न करना भी हमारे कंप्यूटर की चाल को धीमा कर देता है. यह सब तब और भी निराशाजनक हो जाता है जब हमें पता ही न चले कि समस्या की जड़ कहाँ है.
स्पीड टेस्ट क्यों सिर्फ़ एक नंबर नहीं है, बल्कि एक समाधान की दिशा है?
आप सोच रहे होंगे कि स्पीड टेस्ट बस कुछ नंबर्स दिखाएगा, इससे क्या होगा? लेकिन मेरा यक़ीन मानिए, ये सिर्फ़ नंबर्स नहीं हैं, ये आपके कंप्यूटर की सेहत का पूरा ब्यौरा हैं.
ठीक वैसे ही जैसे डॉक्टर हमारे शरीर की जाँच करके बताता है कि क्या गड़बड़ है, ये प्रोग्राम्स आपके कंप्यूटर के हर हिस्से – CPU, RAM, स्टोरेज और ग्राफ़िक्स कार्ड की गहराई से पड़ताल करते हैं.
जब मैंने पहली बार अपना टेस्ट किया था, तो मुझे पता चला कि मेरी RAM इतनी कम थी कि मल्टीटास्किंग में मेरा कंप्यूटर पूरी तरह से घुटने टेक रहा था. इस टेस्ट ने मुझे साफ़-साफ़ बता दिया कि मुझे किस पर ध्यान देना है.
यह आपको सिर्फ़ समस्या नहीं बताता, बल्कि यह भी बताता है कि कौन सा हिस्सा कमज़ोर पड़ रहा है, जिससे आप सही दिशा में समाधान ढूंढ सकें. यह एक रोडमैप की तरह है जो आपको तेज़ और कुशल कंप्यूटर की राह दिखाता है.
धीमे कंप्यूटर के लक्षण: क्या आपका कंप्यूटर भी ‘बीमार’ है?
रोजमर्रा के कामों में रुकावटें: मेरी अनुभव से
अगर आपका कंप्यूटर धीमा है, तो आप इसे रोज़मर्रा के कामों में साफ़ महसूस करते होंगे. मैंने अपने पर्सनल अनुभव से जाना है कि जब मेरा कंप्यूटर धीमा चलता था, तो हर छोटा-बड़ा काम एक पहाड़ जैसा लगने लगता था.
जैसे, एक वेब पेज खुलने में ही इतना समय लग जाता था कि मैं चाय पीकर वापस आ जाती थी. ईमेल खोलना, डॉक्यूमेंट्स एडिट करना, या फिर बस फ़ोल्डर्स के बीच स्विच करना – हर चीज़ में देर होती थी.
कभी-कभी तो माउस क्लिक करने के बाद भी स्क्रीन पर कोई हरकत नहीं होती थी और मुझे लगता था कि मेरा सिस्टम “फ़्रीज़” हो गया है. यह सब न सिर्फ़ हमारा समय बर्बाद करता है, बल्कि पूरे दिन का मूड भी ख़राब कर देता है.
मैं तो कई बार खीझकर कंप्यूटर बंद कर देती थी, क्योंकि काम करने का मन ही नहीं करता था.
गेमिंग और मल्टीटास्किंग में चुनौतियाँ
आजकल कौन गेम नहीं खेलता या ढेर सारे टैब्स खोलकर काम नहीं करता? लेकिन एक धीमा कंप्यूटर यहाँ सबसे बड़ी बाधा बन जाता है. मुझे याद है, जब मैं अपने दोस्तों के साथ कोई ऑनलाइन गेम खेल रही होती थी, तो मेरा गेम बार-बार अटक जाता था या फ़्रेम रेट इतना गिर जाता था कि मुझे कुछ समझ ही नहीं आता था.
दोस्तों की गालियाँ अलग से सुननी पड़ती थीं! मल्टीटास्किंग की बात करें तो, मैं अक्सर ब्राउज़र में 10-12 टैब्स खोलकर रखती हूँ, साथ में म्यूजिक प्लेयर और एक एडिटिंग सॉफ़्टवेयर भी चलाती हूँ.
पहले मेरा कंप्यूटर तुरंत जवाब देना बंद कर देता था, स्क्रीन पर गोल-गोल घूमता हुआ कर्सर ही दिखता रहता था. यह साफ़ संकेत है कि आपके CPU, RAM या ग्राफ़िक्स कार्ड को मदद की ज़रूरत है.
ये सभी लक्षण हमें बताते हैं कि अब हमें अपने कंप्यूटर की जाँच करवानी ही होगी.
मेरे पसंदीदा कंप्यूटर स्पीड टेस्ट प्रोग्राम्स और उनके फ़ायदे
PassMark PerformanceTest: एक पेशेवर की पसंद
जब बात परफ़ॉरमेंस टेस्ट की आती है, तो PassMark PerformanceTest का नाम सबसे ऊपर आता है. मैंने खुद इसे कई बार इस्तेमाल किया है और इसके नतीजों पर मुझे पूरा भरोसा है.
यह प्रोग्राम आपके CPU, 2D/3D ग्राफ़िक्स, डिस्क स्पीड और मेमोरी समेत कंप्यूटर के हर हिस्से का गहन विश्लेषण करता है. यह सिर्फ़ आपको स्कोर नहीं देता, बल्कि दुनिया भर के हज़ारों अन्य कंप्यूटर्स के साथ आपके सिस्टम की तुलना भी करता है.
इससे आपको एक साफ़ अंदाज़ा हो जाता है कि आपका कंप्यूटर कहाँ खड़ा है. मुझे यह इसलिए पसंद है क्योंकि यह बहुत विस्तृत जानकारी देता है और आप हर घटक के लिए अलग-अलग टेस्ट चला सकते हैं.
अगर आप अपने कंप्यूटर की गहरी जानकारी चाहते हैं, तो यह प्रोग्राम आपके लिए ही है. हाँ, यह थोड़ा प्रोफ़ेशनल लग सकता है, लेकिन इसके रिजल्ट्स आपको ज़रूर हैरान कर देंगे.
UserBenchmark: आम यूज़र के लिए आसान रास्ता
अगर आप तकनीकी रूप से ज़्यादा नहीं जानते और बस एक झटपट और आसान टेस्ट चाहते हैं, तो UserBenchmark आपके लिए बेस्ट है. मैंने कई बार अपने दोस्तों को इसकी सलाह दी है.
यह एक वेबसाइट-आधारित टूल है जिसे आप आसानी से डाउनलोड और चला सकते हैं. यह आपके CPU, GPU, SSD/HDD और RAM का तेज़ी से टेस्ट करता है और आपको एक संक्षिप्त रिपोर्ट देता है.
इसकी ख़ास बात यह है कि यह आपके कंपोनेंट्स को अन्य यूज़र्स के कंपोनेंट्स से तुलना करके बताता है कि आपका हार्डवेयर कैसा परफ़ॉर्म कर रहा है. मुझे इसका ग्राफ़िकल इंटरफ़ेस बहुत पसंद है जो समझना बहुत आसान है.
यह उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो जानना चाहते हैं कि उनके कंप्यूटर का कौन सा पार्ट ख़ास तौर पर धीमा है और उसे अपग्रेड करने की ज़रूरत है. यह आपके लिए एक अच्छा शुरुआती बिंदु हो सकता है.
Cinebench: क्रिएटिव काम करने वालों के लिए ज़रूरी
अगर आप मेरी तरह वीडियो एडिटिंग, 3D रेंडरिंग या ग्राफ़िक डिज़ाइन जैसे क्रिएटिव काम करते हैं, तो Cinebench आपके CPU की परफ़ॉरमेंस मापने के लिए एक बेहतरीन टूल है.
यह खास तौर पर मल्टी-कोर परफ़ॉरमेंस पर केंद्रित होता है, जो इन भारी कामों के लिए बहुत ज़रूरी है. मैंने देखा है कि जब मेरा CPU धीमा होता था, तो रेंडरिंग में घंटों लग जाते थे और मेरा काम कभी समय पर पूरा नहीं हो पाता था.
Cinebench चलाने से मुझे पता चला कि मेरा CPU कितनी क्षमता पर काम कर रहा है और क्या उसे अपग्रेड करने की ज़रूरत है. यह आपको एक स्कोर देता है जो बताता है कि आपका CPU ग्राफ़िक्स रेंडरिंग जैसे इंटेंसिव टास्क में कैसा परफ़ॉर्म करेगा.
यह उन लोगों के लिए बहुत ज़रूरी है जो अपने CPU की रॉ परफ़ॉरमेंस को मापना चाहते हैं, खासकर अगर आप प्रोफेशनल क्रिएटिव काम करते हैं.
टेस्ट परिणामों को कैसे समझें और उनसे सीखें?
नंबर्स सिर्फ़ नंबर्स नहीं होते, वे कहानी कहते हैं

स्पीड टेस्ट से मिले नंबर्स देखकर घबराइए नहीं, मेरे दोस्तों! ये नंबर्स आपके कंप्यूटर की पूरी कहानी बताते हैं. जब आप टेस्ट चलाते हैं, तो आपको CPU स्कोर, RAM स्पीड, डिस्क रीड/राइट स्पीड और ग्राफ़िक्स स्कोर जैसे कई आंकड़े मिलते हैं.
मुझे याद है जब मैंने पहली बार अपना टेस्ट रिपोर्ट देखी थी, तो मैं थोड़ी कन्फ़्यूज हो गई थी. लेकिन थोड़ा रिसर्च करने के बाद मुझे समझ आया कि अगर मेरा डिस्क I/O स्कोर कम है, तो इसका मतलब है कि मेरा हार्ड ड्राइव बहुत धीमा है और शायद उसे SSD से बदलने की ज़रूरत है.
वहीं, अगर मेरा RAM स्कोर कम है, तो इसका मतलब है कि मेरा कंप्यूटर मल्टीटास्किंग में कमज़ोर पड़ रहा है और मुझे और RAM लगाने की ज़रूरत है. ये नंबर्स हमें बताते हैं कि कंप्यूटर का कौन सा हिस्सा आपकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर रहा.
तुलना करना क्यों महत्वपूर्ण है?
सिर्फ़ अपने कंप्यूटर के नंबर्स देखने से काम नहीं चलेगा, आपको उनकी तुलना करनी होगी! आप सोचेंगे, किससे तुलना करें? अधिकांश स्पीड टेस्ट प्रोग्राम आपको अन्य यूज़र्स या समान हार्डवेयर वाले सिस्टम के साथ अपने स्कोर की तुलना करने का विकल्प देते हैं.
मैंने इस फ़ीचर का बहुत फ़ायदा उठाया है. उदाहरण के लिए, अगर मेरा CPU स्कोर समान मॉडल वाले दूसरे CPUs से बहुत कम आ रहा है, तो इसका मतलब है कि मेरे सिस्टम में कोई समस्या है – शायद ज़्यादा गरम होना, पुराने ड्राइवर या कोई सॉफ़्टवेयर कॉन्फ़्लिक्ट.
यह तुलना आपको यह समझने में मदद करती है कि आपका सिस्टम अपनी पूरी क्षमता पर काम कर रहा है या नहीं. अगर आपका स्कोर बहुत कम आता है, तो यह एक साफ़ संकेत है कि आपको डीटेल में जाँच करनी होगी और समस्या का समाधान ढूंढना होगा.
यह एक बेहतरीन तरीक़ा है यह जानने का कि आपका कंप्यूटर ‘एवरेज’ से कितना अलग है.
| समस्या | संभावित कारण | स्पीड टेस्ट में कैसे दिखेगा? | समाधान |
|---|---|---|---|
| एप्लिकेशन धीमी खुलना | कम RAM, पुरानी CPU, HDD का धीमा होना | कम RAM/CPU स्कोर, डिस्क I/O धीमा | RAM बढ़ाना, SSD लगाना, अनावश्यक प्रोग्राम हटाना |
| गेमिंग में अटकना | पुराना ग्राफ़िक्स कार्ड, CPU, RAM की कमी | कम GPU/CPU स्कोर, फ़्रेम रेट ड्रॉप | ग्राफ़िक्स कार्ड अपग्रेड, RAM बढ़ाना, गेम सेटिंग्स कम करना |
| बूट टाइम ज़्यादा होना | HDD पर OS, स्टार्टअप प्रोग्राम ज़्यादा | डिस्क I/O धीमा, बूट टाइम टेस्ट ज़्यादा | SSD पर OS डालना, स्टार्टअप प्रोग्राम कम करना |
| मल्टीटास्किंग में धीमापन | कम RAM, कमज़ोर CPU | कम RAM/CPU स्कोर | RAM बढ़ाना, CPU अपग्रेड पर विचार |
सिर्फ़ टेस्ट नहीं, परफॉर्मेंस बूस्ट करने के अचूक तरीक़े
सॉफ़्टवेयर की साफ़-सफ़ाई: मैंने अपने कंप्यूटर को कैसे नया बनाया?
कंप्यूटर की स्पीड बढ़ाने के लिए सिर्फ़ टेस्ट करना काफ़ी नहीं है, मेरे दोस्तों! हमें कुछ ठोस क़दम भी उठाने होंगे. मैंने अपने अनुभव से जाना है कि सबसे पहले सॉफ़्टवेयर की सफ़ाई करना कितना ज़रूरी है.
सोचिए, आपके कंप्यूटर में सैकड़ों प्रोग्राम्स ऐसे होते हैं जिन्हें आप कभी इस्तेमाल नहीं करते, लेकिन वे बैकग्राउंड में चलते रहते हैं और आपके सिस्टम रिसोर्सेज को खाते रहते हैं.
मैंने सबसे पहले अपने कंप्यूटर से ऐसे सारे ‘फ़ालतू’ प्रोग्राम्स को अनइंस्टॉल किया. इसके अलावा, अपने डेस्कटॉप को साफ़ रखना और डाउनलोड फ़ोल्डर को खाली करना भी बहुत ज़रूरी है.
मैंने खुद महसूस किया है कि जब मेरा कंप्यूटर क्लीन होता है, तो वह तेज़ी से चलता है. एंटीवायरस स्कैन नियमित रूप से करें ताकि कोई मैलवेयर आपके सिस्टम को धीमा न करे.
अपने ब्राउज़र कैशे और कुकीज़ को भी समय-समय पर साफ़ करें. ये छोटे-छोटे क़दम आपके कंप्यूटर को नया जीवन दे सकते हैं.
हार्डवेयर अपग्रेड: कब और कैसे?
कभी-कभी, सॉफ़्टवेयर की सफ़ाई से बात नहीं बनती और हमें हार्डवेयर अपग्रेड की ओर देखना पड़ता है. मैंने खुद अपने पुराने लैपटॉप में SSD (Solid State Drive) लगाई और मेरा अनुभव पूरी तरह बदल गया!
बूट टाइम से लेकर एप्लीकेशन खुलने तक, सब कुछ रॉकेट की तरह तेज़ हो गया. अगर आपका कंप्यूटर बहुत पुराना है और उसमें अभी भी HDD लगा है, तो SSD पर स्विच करना सबसे अच्छा अपग्रेड हो सकता है.
इसके अलावा, अगर आप मल्टीटास्किंग ज़्यादा करते हैं या भारी सॉफ़्टवेयर चलाते हैं, तो RAM बढ़ाना भी बहुत फ़ायदेमंद होता है. मैंने अपने सिस्टम में RAM बढ़ाने के बाद महसूस किया कि अब मैं बिना किसी रुकावट के कई सारे प्रोग्राम एक साथ चला सकती हूँ.
अगर आप गेमिंग या ग्राफ़िक्स का काम करते हैं, तो एक अच्छा ग्राफ़िक्स कार्ड आपकी परफ़ॉरमेंस को आसमान पर पहुँचा सकता है. ये अपग्रेड्स थोड़े महँगे ज़रूर हो सकते हैं, लेकिन इनका फ़ायदा आपको तुरंत देखने को मिलेगा.
इन प्रोग्राम्स का चुनाव करते समय ध्यान रखने योग्य बातें
क्या यह आपकी ज़रूरतों को पूरा करता है?
बाज़ार में कई तरह के स्पीड टेस्ट प्रोग्राम्स मौजूद हैं, लेकिन यह ज़रूरी है कि आप अपनी ज़रूरतों के हिसाब से सही प्रोग्राम चुनें. जब मैं पहली बार टेस्ट करने बैठी थी, तो मैंने कई प्रोग्राम्स ट्राई किए.
कुछ बहुत ज़्यादा कॉम्प्लिकेटेड लगे, तो कुछ में वो जानकारी नहीं मिली जो मुझे चाहिए थी. अगर आप सिर्फ़ एक सामान्य ओवरव्यू चाहते हैं कि आपका कंप्यूटर कैसा परफ़ॉर्म कर रहा है, तो UserBenchmark जैसे आसान टूल काफ़ी हैं.
लेकिन अगर आप एक प्रोफ़ेशनल हैं और अपने CPU या GPU की डीटेल परफ़ॉरमेंस जानना चाहते हैं, तो PassMark PerformanceTest या Cinebench जैसे प्रोग्राम्स बेहतर रहेंगे.
हर प्रोग्राम की अपनी ख़ासियत होती है, इसलिए चुनने से पहले थोड़ा रिसर्च ज़रूर करें. यह आपकी समय और मेहनत दोनों बचाएगा और आपको सही नतीजे भी मिलेंगे.
मुफ्त बनाम प्रीमियम: मेरी सलाह
आप सोच रहे होंगे कि क्या मुझे मुफ्त वाले प्रोग्राम्स से काम चलाना चाहिए या पैसे खर्च करने चाहिए? मेरा अनुभव यह कहता है कि शुरुआती जाँच के लिए कई मुफ्त प्रोग्राम्स बहुत अच्छे होते हैं.
जैसे कि UserBenchmark आपको एक अच्छा शुरुआती अंदाज़ा दे देता है. लेकिन अगर आप अपने सिस्टम की गहरी जानकारी चाहते हैं, या आप प्रोफ़ेशनल काम करते हैं, तो प्रीमियम प्रोग्राम्स जैसे PassMark PerformanceTest में निवेश करना फ़ायदेमंद हो सकता है.
प्रीमियम वर्ज़न्स में आपको ज़्यादा विस्तृत रिपोर्ट, ज़्यादा कस्टमाइज़ेबल टेस्ट और कभी-कभी तकनीकी सहायता भी मिलती है. मैंने देखा है कि प्रीमियम टूल्स अक्सर ज़्यादा सटीक और विश्वसनीय परिणाम देते हैं.
मेरी सलाह है कि पहले मुफ्त विकल्पों को आज़माएँ और अगर आपको उनसे पूरी संतुष्टि नहीं मिलती, तो प्रीमियम विकल्पों की ओर बढ़ें.
एक तेज़ कंप्यूटर का आपकी ज़िंदगी पर क्या असर पड़ता है?
काम में तेज़ी, तनाव में कमी
एक तेज़ कंप्यूटर सिर्फ़ एक मशीन नहीं होता, मेरे दोस्तों, यह हमारी ज़िंदगी को आसान बना देता है! जब मेरा कंप्यूटर तेज़ चलता है, तो मुझे लगता है कि मैं कोई भी काम चुटकियों में कर सकती हूँ.
एप्लीकेशन तुरंत खुल जाती हैं, फ़ाइल्स तेज़ी से ट्रांसफर होती हैं, और मल्टीटास्किंग करना अब सिरदर्द नहीं रहा. इससे न सिर्फ़ मेरे काम की गुणवत्ता सुधरती है, बल्कि मेरा तनाव भी बहुत कम हो गया है.
मुझे अब बार-बार इंतज़ार नहीं करना पड़ता, न ही खीझ होती है. मैं अपने काम पर ज़्यादा ध्यान दे पाती हूँ और मेरा समय भी बचता है. यह सचमुच एक वरदान है जब आप एक तेज़ मशीन के साथ काम करते हैं.
मैंने देखा है कि मेरी प्रोडक्टिविटी कई गुना बढ़ गई है जब से मैंने अपने कंप्यूटर को अपग्रेड किया है.
मनोरंजन का दोगुना मज़ा
काम के अलावा, मनोरंजन के लिए भी एक तेज़ कंप्यूटर बहुत ज़रूरी है. ऑनलाइन मूवी देखना, गेम खेलना या गाने सुनना – यह सब तब ही मज़ेदार लगता है जब आपका सिस्टम बिना किसी रुकावट के चले.
मुझे याद है जब मेरा कंप्यूटर धीमा था, तो कोई भी वीडियो अटक-अटक कर चलता था, ऑनलाइन गेमिंग में हमेशा लैग होता था, और यह सब मेरा सारा मज़ा किरकिरा कर देता था.
लेकिन अब, जब मेरा कंप्यूटर तेज़ है, तो मैं बिना किसी चिंता के हाई-क्वालिटी वीडियो स्ट्रीमिंग कर सकती हूँ, अपने पसंदीदा गेम्स का पूरा आनंद ले सकती हूँ और बिना किसी रुकावट के अपना संगीत सुन सकती हूँ.
यह सिर्फ़ एक कंप्यूटर नहीं, यह आपकी डिजिटल दुनिया का प्रवेश द्वार है, और एक तेज़ द्वार से प्रवेश करने का मज़ा ही कुछ और है!
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) 📖
प्र: ये कंप्यूटर स्पीड टेस्ट प्रोग्राम्स असल में क्या बताते हैं और इनसे हमें कैसे मदद मिलती है?
उ: अरे वाह, ये तो बहुत बढ़िया सवाल है! देखो, जब मेरा कंप्यूटर धीमा चलता था, तो मुझे लगता था कि कुछ तो गड़बड़ है, पर क्या, ये पता नहीं चलता था. ये स्पीड टेस्ट प्रोग्राम्स एक डॉक्टर की तरह काम करते हैं.
ये आपके कंप्यूटर के हर हिस्से – जैसे CPU (दिमाग), RAM (याददाश्त), हार्ड ड्राइव (स्टोरेज), और इंटरनेट स्पीड (बातचीत की गति) – को बारीकी से जाँचते हैं. ये बताते हैं कि कौन सा हिस्सा कमज़ोर पड़ रहा है या कहाँ bottleneck आ रहा है.
जैसे, मान लो अगर मेरी RAM कम है और मैं बड़े-बड़े सॉफ्टवेयर चला रही हूँ, तो ये प्रोग्राम मुझे बता देंगे कि RAM अपग्रेड करने की ज़रूरत है. मेरे साथ एक बार ऐसा हुआ था कि मेरा इंटरनेट कनेक्शन धीमा था, पर मुझे लगा कंप्यूटर ही खराब है.
इस टेस्ट ने बताया कि असली दिक्कत मेरे नेटवर्क में थी! तो ये बस नंबर नहीं दिखाते, बल्कि आपको एक साफ़ तस्वीर देते हैं कि समस्या कहाँ है और उसे कैसे ठीक किया जा सकता है.
इससे पैसे भी बचते हैं, क्योंकि आप वही चीज़ अपग्रेड करते हो जिसकी सच में ज़रूरत है!
प्र: इतने सारे स्पीड टेस्ट प्रोग्राम्स हैं, तो मुझे अपने लिए सबसे अच्छा कौन सा चुनना चाहिए?
उ: हाँ यार, बाज़ार में इतने सारे विकल्प हैं कि कंफ्यूज होना तो लाजमी है! मैंने भी शुरुआत में बहुत रिसर्च की थी. मेरे अनुभव में, सबसे पहले अपनी ज़रूरतें देखो.
क्या आप सिर्फ़ बेसिक जानकारी चाहते हो या अपने कंप्यूटर की हर नस-नस को जानना चाहते हो? कुछ प्रोग्राम्स बहुत ही आसान होते हैं, जो बस एक क्लिक में ओवरऑल स्कोर बता देते हैं, जैसे मेरे किसी दोस्त को बस गेमिंग के लिए अपनी पीसी परफॉर्मेंस जाननी थी.
वहीं, कुछ प्रोफेशनल टूल्स होते हैं जो हर एक कंपोनेंट का डिटेल में एनालिसिस करते हैं, जैसे कि वीडियो एडिटिंग करने वालों को चाहिए होता है. मैं तो यही कहूँगी कि कुछ फ़्री प्रोग्राम्स ट्राई करके देखो.
जो आपको यूज़र फ़्रेंडली लगे और जिसकी रिपोर्ट आपको आसानी से समझ आए, उसे ही चुनो. कई बार लोग सिर्फ़ ब्रांड नेम देखकर चुन लेते हैं, पर मेरा मानना है कि जो आपको सही जानकारी दे और जिसे इस्तेमाल करना आसान हो, वही सबसे बेस्ट है!
प्र: मैंने अपने कंप्यूटर का स्पीड टेस्ट कर लिया है, अब उसे सच में तेज़ करने के लिए मुझे क्या करना चाहिए?
उ: बहुत बढ़िया! अब असली मज़ा यहीं से शुरू होता है! टेस्ट के नतीजे आपको एक दिशा दिखाते हैं.
मान लो, टेस्ट में आया कि आपकी हार्ड ड्राइव फुल है और बहुत धीमी है. तो सबसे पहले आप कुछ अनचाही फ़ाइलें डिलीट कर सकते हैं, डेस्कटॉप साफ़ कर सकते हैं और रीसायकल बिन खाली कर सकते हैं.
अगर हार्ड ड्राइव बहुत पुरानी है, तो SSD में अपग्रेड करना एक गेम चेंजर हो सकता है – मैंने खुद देखा है कि इससे कितनी तेज़ी आती है! अगर RAM कम बताई गई है, तो उसे बढ़ाना अगला कदम होगा.
इसके अलावा, कुछ और छोटे-छोटे काम हैं जो मैं हमेशा करती हूँ:
1. बैकग्राउंड ऐप्स बंद करें: कई प्रोग्राम्स चुपचाप पीछे चलते रहते हैं और रिसोर्स खाते रहते हैं.
2. स्टार्टअप प्रोग्राम्स कंट्रोल करें: जो प्रोग्राम कंप्यूटर ऑन होते ही शुरू हो जाते हैं, उन्हें बंद करें जिनकी ज़रूरत नहीं है. 3.
ड्राइवर्स अपडेट करें: पुराने ड्राइवर्स भी परफॉरमेंस को धीमा कर सकते हैं. 4. मैलवेयर स्कैन करें: कभी-कभी वायरस या मैलवेयर भी स्पीड कम कर देते हैं.
इन स्टेप्स को फॉलो करने के बाद आप खुद महसूस करेंगे कि आपका कंप्यूटर अब मक्खन की तरह चलेगा! मेरा यकीन मानो, थोड़ा सा ध्यान और सही जानकारी आपके कंप्यूटर को फिर से नया बना सकती है!






